Friday, 21 December 2018

धर्मांतरण

धर्मान्तरण पर कुछ लाईनें

वो चाकू की नोंक पर
मजहब बदलवा देते हैं
मैं खामोशी से घर वापसी
करा बैठा तो हंगामा

वो झुठा राम खुदा सच्चा
बताते थे तोे कुछ भी नहीं
मैं बस इक राम को सच्चा
बता बैठा तो हंगामा

भोले भाले नादानों को
वो गुमराह करें सब चुप
मैं गुमराहों को राह पर
ला बैठा तो हंगामा

अपने धर्म की बातें तो
सभी दुनिया में करते हैं
मैं भी अगर वही बातें
कर बैठा तो हंगामा

वो सुबह ओ शाम बातें
करते हैं खून खराबे की
मैं अमन की कोई बात भी
कर बैठा तो हंगामा

‘पथिक’