तू मौन क्यूं खड़ा है तेरा मिट रहा अस्तित्व है
सतियों की धरा पे देखो लुट रहा सतीत्व है
तू क्यूं है चुप सनातनी अब तो जरा क्रुद्ध हो
कि अब जिहाद के खिलाफ एक धर्मयुद्ध हो
अन्याय पर मौन रहने वाला सदा रोया है
धृतराष्ट्र के मौन ने भी सौ पुत्रों को खोया है
तू तोड़ दे ये मौन चाहे विश्व भी विरूद्ध हो
कि अब जिहाद के खिलाफ एक धर्मयुद्ध हो
धर्म रक्षा के लिए हथियार ना उठाओगे
आने वाली पीढि़यों को क्या मुंह दिखाओगे?
विधर्मी के रक्त से ये धरा अब शुद्ध हो
कि अब जिहाद के खिलाफ एक धर्मयुद्ध हो
मन्दिर टूट रहे थे तेरे तू तब भी चुप बैठा था
राम खुद आएंगे बचाने ये क्यूं सोच बैठा था
राम अब ना आएंगे तू स्वयं अधर्म विरूद्ध हो
कि अब जिहाद के खिलाफ एक धर्मयुद्ध हो
‘पथिक’
सतियों की धरा पे देखो लुट रहा सतीत्व है
तू क्यूं है चुप सनातनी अब तो जरा क्रुद्ध हो
कि अब जिहाद के खिलाफ एक धर्मयुद्ध हो
अन्याय पर मौन रहने वाला सदा रोया है
धृतराष्ट्र के मौन ने भी सौ पुत्रों को खोया है
तू तोड़ दे ये मौन चाहे विश्व भी विरूद्ध हो
कि अब जिहाद के खिलाफ एक धर्मयुद्ध हो
धर्म रक्षा के लिए हथियार ना उठाओगे
आने वाली पीढि़यों को क्या मुंह दिखाओगे?
विधर्मी के रक्त से ये धरा अब शुद्ध हो
कि अब जिहाद के खिलाफ एक धर्मयुद्ध हो
मन्दिर टूट रहे थे तेरे तू तब भी चुप बैठा था
राम खुद आएंगे बचाने ये क्यूं सोच बैठा था
राम अब ना आएंगे तू स्वयं अधर्म विरूद्ध हो
कि अब जिहाद के खिलाफ एक धर्मयुद्ध हो
‘पथिक’
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