मेरी मॉं अनपढ़ नहीं है
कुछ 'लिख' भले ना पाये
लेकिन
'पढ़' लिया करती है
मेरे चेहरे के भावों को
तब से
जब बोल भी नहीं
पाता था मैं
आज मैं बहुत कुछ
'लिख' सकता हूं
किन्तु 'पढ़' नहीं सकता
'मॉं' के चेहरे के भावों को
कुछ 'लिख' भले ना पाये
लेकिन
'पढ़' लिया करती है
मेरे चेहरे के भावों को
तब से
जब बोल भी नहीं
पाता था मैं
आज मैं बहुत कुछ
'लिख' सकता हूं
किन्तु 'पढ़' नहीं सकता
'मॉं' के चेहरे के भावों को
मैं सच में अन 'पढ़' हूॅं
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