Sunday, 13 April 2025

पहने मृगछाला तरूणी अहो

पहने मृगछाला तरूणी अहो
नयनों से शर संधान करे
क्षत हो सुध यूं बिसराये कि
अब कौन हृदय का ध्यान धरे



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