Sunday, 29 July 2018

विकास

मंत्रीजी का जनता दरबार चल रहा था एक फटेहाल व्यक्ति भी पहुंच गया मंत्रीजी की ओर जा ही र​हा था कि मंत्रीजी के गार्ड ने टोका
''कहां जा रहे हो भाई? क्या काम है कोई एप्लीकेशन वगैरह लाए हो साथ''
''जी कुछ नहीं वो मंत्रीजी से पैसे लेने थे'' उस फटेहाल व्यक्ति ने कहा
''क्यों? मंत्रीजी को उधार दे रखे है क्या तुमने, जनता दरबार मतलब कुछ भी उल्टी सीधी मांग लेकर चले आओगे'' गार्ड ने झिड़कते हुए कहा
''जी वो मंत्रीजी ने ही एक दिन कहा था कि विकास के लिए पैसे की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी, दरअसल मेरा ही नाम विकास है मैं तो मंत्रीजी के कहे अनुसार ही आया हूँ''
'विकास' चीखता रह गया और गार्ड ने 'विकास' को धक्के देकर बाहर निकाल दिया

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