मुझे ना आना तेरे देश री मैया
तेरे देश में डर मुझे लगता है
तेरे देश में पैदा होने से
मर जाना अच्छा लगता है
तेरे देश में इन्सा बसते नहीं
हर नुक्कड़ पे दरिन्दे बसते हैं
और नारी की इज्जत को यहां
सरे आम लूटा करते हैं।
जो तेरे देश मैं आऊँ तो
क्या महफूज मुझे रख पाओगी?
और दरिन्दों के हाथो
लुटने से बचा तुम पाओगी
गर लुटे द्रोपदी एक कोई
तो कृष्ण बचा ले जाएगा
हर नुक्कड़ पे लुटती द्रोपदी है
किस-किस को कृष्ण बचाएगा
मैया तेरे देश में मासूमों को
भी बख्शा नहीं जाता है
और बेशर्मी की हद देखो
उनको भी लूटा जाता है
मैया तेरे देश की हालत पे
सिर शर्म से झुकता जाता है
जहां नारी पूजी जाती है
नारी को लूटा जाता है
मुझे ना आना तेरे देश री मैया
तेरे देश में डर मुझे लगता है
तेरे देश में पैदा होने से
मर जाना अच्छा लगता है
पवन प्रजापति ‘पथिक’
तेरे देश में डर मुझे लगता है
तेरे देश में पैदा होने से
मर जाना अच्छा लगता है
तेरे देश में इन्सा बसते नहीं
हर नुक्कड़ पे दरिन्दे बसते हैं
और नारी की इज्जत को यहां
सरे आम लूटा करते हैं।
जो तेरे देश मैं आऊँ तो
क्या महफूज मुझे रख पाओगी?
और दरिन्दों के हाथो
लुटने से बचा तुम पाओगी
गर लुटे द्रोपदी एक कोई
तो कृष्ण बचा ले जाएगा
हर नुक्कड़ पे लुटती द्रोपदी है
किस-किस को कृष्ण बचाएगा
मैया तेरे देश में मासूमों को
भी बख्शा नहीं जाता है
और बेशर्मी की हद देखो
उनको भी लूटा जाता है
मैया तेरे देश की हालत पे
सिर शर्म से झुकता जाता है
जहां नारी पूजी जाती है
नारी को लूटा जाता है
मुझे ना आना तेरे देश री मैया
तेरे देश में डर मुझे लगता है
तेरे देश में पैदा होने से
मर जाना अच्छा लगता है
पवन प्रजापति ‘पथिक’
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