पवन प्रजापति
Tuesday, 13 November 2018
चुनावी राजनीति पर एक कटाक्ष
छलने सिया फिर साधु भेष वाले आ गए
भूखों की थालियों में फिर निवाले आ गए
कल था सशस्त्र आज वो करबद्ध क्यूं खड़ा
लगता है फिर से दिन चुनाव वाले आ गए
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