Tuesday, 4 September 2018

चित्रगुप्त और फेसबुक

चित्रगुप्त हमेशा की तरह मृत्युलोक के लोगों के लेखे जोखे चेक कर रहे थे। आजकल वे भी डिजिटल हो गए हैं और अपने सारे डाटा अपने लेपटॉप में रखते हैं। दो फरियादी उनके सामने लाये जाते हैं नाम हैं रामलाल और श्यामलाल दरअसल यमदूत उनको अभी —अभी उठाकर लाए हैं। सबसे पहले रामलाल को पेश किया जाता है। चित्रगुप्त रामलाल से
''कोई पुण्य का कार्य याद है जो ​तुमने किया हो''
''प्रभु! बहुत सारे पुण्य के काम किए हैं, गायों को चारा डाला है, पैदल तीर्थयात्रियों की सेवा की है, उनके लिए भण्डारे लगाए हैं।''
चित्रगुप्त अपना लेपटॉप चेक करते हुए
''तुम्हारे खाते में ऐसा कोई काम दर्ज नहीं हैं''
रामलाल घबराते हुए बोला
''प्रभु ऐसा कैसे हो सकता है?''
''क्या तुमने सेवा करते हुए अपनी फोटो या सेल्फी फेसबुक पर डाली है?''
रामलाल : ''जी नहीं प्रभु''
​चित्रगुप्त : तभी तुम्हारे पुण्य दर्ज तुम्हारे खाते में दर्ज नहीं हुए, सैनिकों! रामलाल को तुरन्त नर्क भेज दो
श्यामलाल को उसके फेसबुक पर डाली गई फोटो के आधार पर स्वर्ग में एन्ट्री मिल जाती हैचित्रगुप्त और फेसबुक

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