Tuesday, 11 September 2012

हम उसी देश में रहते है जहा पैसे में ईमान बिकते है
जहा हम सब भूखे मरते है और नेता मौज उड़ाते है 
जहा बिस्तर में जज बनते है बच्चे भूखे ही सोते है 
जहा क़त्ल खुले आम होते है और कातिल घर में पलते है 
जहा गौ को माता कहते है और मांस उसी का खाते है 
जहा राम और कृष्ण रहते है, अब रावण और कंस ही बसते है 
'पथिक'

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