इस देश युवा को ये क्या हो गया है
राह भटक करके क्यों खो गया है
जागना था जिसे देश के लिए
औरत के पल्लू में क्यों सो गया है
लड़की पटना जैसे मकसद हो उसका
लड़की ही लड़की में बस खो गया है
निताम्ब्दर्शक है जीन्स उसकी
फैशन परस्ती में बस खो गया है
नशा करे जैसे बढ़ता हो रुतबा
नशे ही नशे में बस खो गया है
तू राम और कृष्ण की है संतान
लेकिन तेरा ये क्या हल हो गया है
'पथिक'
राह भटक करके क्यों खो गया है
जागना था जिसे देश के लिए
औरत के पल्लू में क्यों सो गया है
लड़की पटना जैसे मकसद हो उसका
लड़की ही लड़की में बस खो गया है
निताम्ब्दर्शक है जीन्स उसकी
फैशन परस्ती में बस खो गया है
नशा करे जैसे बढ़ता हो रुतबा
नशे ही नशे में बस खो गया है
तू राम और कृष्ण की है संतान
लेकिन तेरा ये क्या हल हो गया है
'पथिक'
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